Ambe Maa ki Kavita, Maa Ambe Teri Shan Me

मा अंबे तेरी शान मे कुछ कहु, ये नादान सी गुस्ताखी होगी, पापी और दृष्टों की रूहँ, तेरे दर्शन मात्रसे ही काँपती होगी, अंबे मां की Ambe Maa ki Kavita